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दंगों का इतिहास - शैलेश कुमार वंदोपाध्याय (अजिल्द)

₹200.00

बंगला भाषा के लब्धप्रतिष्ठ साहित्यकार एवं गांधी-विचारनिष्ठ शोधकर्ता-लेखक श्री शैलेशकुमार बंद्योपाध्याय की यह ‘कृति दंगों का इतिहास’ भारत के वर्तमान राजनीतिक, सामाजिक और सांस्कृतिक सन्दर्भ में एक महत्त्वपूर्ण और प्रासंगिक उपलब्धि है।
साम्प्रदायिकता के अभिशाप से यदि देश को मुक्त करना है, दंगों के दौरान होनेवाले विध्वंस और नरसंहार को रोकना है तथा देश की एकता-अखण्डता को बचाना है तो हमें दंगों के मूल कारणों को समझना होगा, ऐतिहासिक सन्दर्भों को जानना होगा और उन कारणों को पहचानना होगा जो दंगों की व्यूह-रचना करते हैं, सूत्रधार बनते हैं। दंगों का इतिहास इस दृष्टि से तथ्याधारित पर्याप्त सामग्री प्रस्तुत करता है।
आशा है बौद्धिक जगत्, शोधकर्ताओं और आम जिज्ञासु पाठकों द्वारा साम्प्रदायिकता की गुत्थियों को समझने-सुलझाने और दंगों को समूल समाप्त करने में इस ग्रंथ से भपपूर मदद मिलेगी।


Dangon Ka Itihas - Shailesh Kumar Bandhopadhyay

Pages: 330
Size: Demy

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This product was added to our catalog on Wednesday 25 June, 2014.