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बापू की गोंद मै - नरायण देसाई

₹25.00

22 प्रकरणों की यह छोटी-सी पुस्तक गांधीजी के अनेक अनजाने अलौकिक गुणों पर प्रकाश डालती है। मोहन और महादेव इस पुस्तक की दो विभूतियाँ हैं। हरि-हर की तरह उनका विभूतिमत्व अविभाज्य है। अनेक घटनाओं और प्रसंगों के कारण चित्रण में नारायणभाई ने उस विभूतिमत्व की जो झाँकियाँ दिखायी हैं, वे नितान्त मनोज्ञ हैं।

पृष्ठ
: 132
आकार
: क्राउन

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This product was added to our catalog on Sunday 19 May, 2013.