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मानवनिष्ठ भारतीयता - दादा धर्माधिकारी

₹30.00

‘मानवनिष्ठ भारतीयता’ में ‘युगद्रष्टा दादा धर्माधिकारीजी’ की पैनी दृष्टि ने साम्प्रदायिकता तथा धर्मनिरपेक्षता से जुड़े प्रश्नों को जिस तरह से समझा-सुलझाया था, वह समाधान आज भी प्रासंगिक है। गांधी-दृष्टि किस तरह सावरकर-दृष्टि और जिन्ना के नजरिये से सर्वथा भिन्न मापदंड स्थापित करती है, इस पुस्तक में यह भली-भाँति दर्शाया गया है।

Manavnish Bharatiyata - Dada Dharmadhikari

Pages: 104
Size: Demy

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This product was added to our catalog on Sunday 19 May, 2013.