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जीवन और अभय - शिवानन्द (अजिल्द)

₹120.00

जीवन  एक वरदान है, जिसमें भयमुक्त लोगों की कल्पनाएँ साकार हो उठती हैं।

जीवन एक अभिशाप है, जिसमें भयग्रस्त लोग कुण्ठाग्रस्त जीवन जीते हैं। उनके कल्पना-महल ढहते रहते हैं।

आधुनिक तथा अर्वाचीन चिन्तन-क्रम में श्री शिवानन्द ने आशावादी रचनात्मक तथा यथार्थ दृष्टि विश्लेषित की है जो पूर्वी और पश्चिमी दर्षनों से प्रभावित जनों के लिए समान उपयोगी है। सामान्य नागरिक की भूमिका में रहते हुए उन्होंने अपने अध्ययन और अनुभूति का सार जिस शैली में प्रस्तुत किया है, वह बुद्धि और भावना के मर्म को स्पन्दित करनेवाली है।

लेखक ने अपने निवेदन में कहा है कि वे न कोई बड़े विद्वान हैं, न सन्त। सचमुच उनके सहज जीवन का यह झुकाव ही इस पुस्तक का प्राण है। पुस्तक के अनेक लेख अलग-अलग  तथा संगृहीत रूप में भी प्रकाशित हो चुके हैं। पाठकों ने इसकी प्रशंसा की है। इस पुस्तक में उनके चुने हुए 25 लेखों का संग्रह है, जो की पाठकों के लिए प्रेरणा और दिशा देनेवाला साबित होगा, जिससे वे जीवन को  वरदान के रूप में ग्रहण कर सकें।


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This product was added to our catalog on Monday 03 June, 2013.