Your cart is empty

लोक-स्वराज्य - जयप्रकाश नारायण

₹10.00

यह प्रत्यक्ष अनुभव की बात है कि लोकतंत्र की वास्तविक शक्ति ‘लोक’ है, इसलिए ‘लोक’ की सशक्त भागीदारी ही लोकतंत्र की सुरक्षा का सशक्त आधार हो सकती है। यह भागीदारी कैसे सम्भव हो, जयप्रकाश नारायण ने ‘लोक-स्वराज्य’ पुस्तक में इसी प्रश्न की विवेचना की है।

Pages: 47
Size: Demy

Add to Cart:


This product was added to our catalog on Monday 27 May, 2013.