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बालक सीखता कैसे है? - महात्मा भगवानदीन

₹30.00

प्रस्तुत पुस्तिका में 11 कहानियाँ दी गयी हैं। कहानी की शकल में मनोवैज्ञानिक एवं सत्य घटनाएँ दी गयी हैं। बालक का अपना व्यक्तित्व होता है, अपनी वृत्तियाँ और रुचियाँ होती हैं। उन्हें समझ कर ही बालक को ठीक दिशा में आगे बढ़ाया जा सकता है। यह पुस्तक प्रत्येक माँ-बाप और शिक्षक का दिल और दिमाग खोलने में सहायक होगी।

Pages: 76
Size: Crown
ISBN: 978-93-83982-62-2

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This product was added to our catalog on Monday 27 May, 2013.