Category Archives: Social Issues

जमीन सम्पत्ति है या जीवन का आधार ?

— अशोक भारत

यह चिन्ता का विषय है कि देश में खेती की जमीन तेजी से घट रही है। पिछले एक दशक में खेती योग्य 12.5 करोड़ हेक्टेयर में से 1 करोड़ 80 लाख हेक्टेयर जमीन खेती से बाहर हो गयी है। खेती की जमीन का तेजी से घटने के गम्भीर परिणाम होंगे। पहले तो इससे अनाज के उत्पादन एवं खाद्य सुरक्षा पर प्रतिवूâल असर पड़ेगा। खाद्यान्न के लिए विदेशों पर निर्भरता बढ़ेगी, इसे आयात करना पड़ेगा जो देश के लिए घातक होगा। इस समय देश में हर चौथा आदमी भूखा है, लगभग हर दूसरा बच्चा (47%) कुपोषण का शिकार है। इससे स्थिति और भी खराब होगी।

दूसरी देश में भूमिहीनता की समस्या बढ़ेगी। भूमिहीनता की समस्या देश में गरीबी, बेरोजगारी एवं गैर-बराबरी का मुख्य कारण है। अंग्रेजों की भूमि संबंधी गलत नीति के कारण देश में भूमिहीनता की समस्या काफी बढ़ गयी। Continue reading जमीन सम्पत्ति है या जीवन का आधार ?

गाॅधी की दीक्षा

– राधा भट्ट

भाई चन्दनपाल अगस्त 2012 से कोकराझार में चल रहे ‘‘शान्तियात्रा’’ अभियान की एक जोड़ने वाली कड़ी रहे हैं। बी.टी.ए.डी. में शान्ति कार्य से पूरे देश को  जोड़ने के काम को उन्होंने अपना सम्पूर्ण तन-मन, सोच -समझ, दिल-दिमाग और भावना-प्रतिभावना दी है। जिस प्रकार उन्होंने यह जुड़ाव खड़ा किया उतने ही मनोयोग की परवाह किये बिना उन्होंने बी.टी.ए.डी. के विभिन्न समुदायों को एक दूसरे से जोड़ने में भी स्वयं को एक कड़ी बनाया है।

2 मई 2014 को सर्वसेवा संघ की कार्य समिति हैदराबाद में चल रही थी। खबर आई कि बी.टी.ए.डी. में तीन मुस्लिम गाॅवों के 37 लोगों को मार दिया गया है। इस खबर से चन्दनभाई केवल दुखी ही नहीं हुए, बी.टी.ए.डी. में पहुॅचने और हालात को शान्त Continue reading गाॅधी की दीक्षा

नशा समाज को पंगु बनाता है

—अशोक भारत

देश में नशा का प्रचलन तेजी से बढ़ रहा है। खास करके युवा वर्ग इसकी चपेट में आ रहे हैं, जो चिन्ताजनक है। मदिरापान करने वालों की संख्या में हो रही बढ़ोतरी के कई पहलू हैं, जिनमें सरकारी नीति, आधुनिक बनने का गलत अहसास, सामाजिक नियंत्रण का ढीला पड़ना, बढ़ रही सामाजिक स्वीकृति तथा विकास की गलत अवधारणा (मॉडल) शामिल है।

सरकारों का जोर मदिरा का उत्पादन एवं बिक्री से ज्यादा से ज्यादा आमदनी करना है। उत्तर प्रदेश सरकार के आबकारी विभाग के वर्ष 2012-13 के कार्यपूर्ति दिग्दर्शन में कहा गया है कि ‘उपभोक्ताओं को मानक गुणवत्ता की मदिरा उचित दाम पर उपलब्ध कराने व प्रदेश के राजस्व में समुचित वृद्धि सुनिश्चित करने के उद्देश्य से उत्तर प्रदेश सरकार Continue reading नशा समाज को पंगु बनाता है